लखीमपुर-खीरी। देहरादून में धर्मशाला की खुदाई के दौरान बरामद अष्टधातु की
करोड़ों रूपये लागत से मूर्ति संग दो मजदूरों को पुलिस ने रंगेहांथ पकडकर जेल भेजा है।
मजदूरों के अन्य तीन साथी फरार बताये जाते है।
निघासन के एसओ शिवगोपाल सिंह ने बताया कि ढखेरवा चैकी इंचार्ज मनोज कुमार व
पढुआ चैकी इंचार्ज दुर्गेश मिश्रा को किसी ने सूचना दी थी कि ढखेरवा कस्बे में पांच
व्यक्ति कपडे में कुछ ढककर मूर्तियां लेकर खडे है। पुलिस टीम ने जब छापामारा तो तीन
व्यक्ति पुलिस को देखकर फरार हो गये। टीम ने दो व्यक्तियों को हिरासत में लिया। पूछताछ
के दौरान उन दोनो व्यक्तियों ने अपना नाम गंगाराम निवासी चंदइयापुर व राधेश्याम निवासी
डंडूरी बताया। दोनो आरोपियों ने बताया कि वह करीब एक माह पहले देहरादून मजदूरी करने
गए थे। वहां पर लालारामबहादुर राय धर्मशाला की खुदाई करने का काम मिला था। खुदाई के
दौरान उनको मां दुर्गा की बडी मूर्ति के अलावा सरस्वती, लक्ष्मी, गणेश व महिषासुर के
अष्टधातु की मूर्तियां मिली।
मूर्तियों को उन लोगों ने एक सुरक्षित
स्थान पर छिपा दिया। रात होने पर उन मूर्तियों को लेकर वह निघासन के लिये रवाना हुये।
लखीमपुर पहुंचकर गंगाराम ने अपने चाचा भेंदू को फोन पर मर्तियां मिलने की बात बताते
हुये लखीमपुर मिलने को कहा। किसी तरह से गंगाराम
व भोंदू ने मिलकर राधेश्याम को किनारे करते हुये चकमा देकर फरार हो गए। उसके बाद किसी
तरह से राधेश्याम पता लगाकर ढखेरवा पहुंचा। वहां पर राधेश्याम को भोंदू व गंगाराम मिल
गए। चैराहे पर तीनों में लड़ाई होने के बाद बेचने की बात चल ही रही थी कि पुलिस ने दबोच
लिया। पुलिस ने गंगाराम व राधेश्याम को दबोच लिया। भोंदू संग करीब तीन लोग पुलिस को
चकमा देकर फरार हो गए।
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