लखीमपुर-खीरी। जनपद के थाना गोला गोकर्णनाथ में भूमि विवाद को लेकर दो पक्षों
के बीच विवाद तूल पकड़ गया। मामला कोतवाली तक पहुँचा पर सत्ता के दबाव के चलते पुलिस
कार्यवाही करने में असहाय साबित हुई।
बताया जाता है कि इस मामले मे एक तहसील अधिवक्ता की पिटाई की भी बात सामने
आई है। गोला कोतवाली पुलिस ने दबंगई का शिकार अधिवक्ता केके शुक्ला उर्फ गुड्ड़ू की
सूचना पर प्राथमिकि दर्ज की है। प्राप्त जानकारी के अनुसार जनपद के थाना गोला गोकर्णनाथ
के मोहल्ला पश्चिमी दीक्षिताना निवासी के के शुक्ला उर्फ गुड़डू एड़वोकेट अपने मकान की
क्षतिग्रस्त दीवार को दोबारा बनवा रहे थे पर दीवार में दरवाजा, खिड़की को रखने पर वार्ड़
के सभासद् प्रतिनिधि व उनके समर्थकों ने मौके पर जाकर विरोध किया जिस पर उनसे वाद विवाद
हो गया और मामला थाने तक पहुँच गया।
कोतवाल अशोक कुमार सिंह ने मौके पर जाकर बिगड़ते माहौल पर नियंत्रण पाने का
प्रयास किया लेकिन वह दोनों पक्षों को समझाने में नाकाम रहे। इधर कोतवाली थाना में
अधिवक्ता के के उर्फ गुड़्डू शुक्ला ने जाकर अपनी प्रताड़ना व हाथापाई तथा गाली-गलौच
की सूचना दर्ज कराई। अधिवक्ता श्री शुक्ला ने पुलिस को बताया कि मै अपने मकान की दीवार
क्षतिग्रस्त हो जाने के चलते बनवा रहा था मेरी दीवार में पहले भी दरवाजा व खिड़की रखी
हुई थी और मेरे दीवार के पास ही सार्वजनिक मार्ग है।
इसी बीच वार्ड़ के सभासद् प्रतिनिधि
ने अपने समर्थकों के साथ आकर कहा कि दीवार में दरवाजा व खिड़की नही रखी जायेगी जब मैने
उनसे कहा कि मैं अपनी क्षतिग्रस्त दीवार का दोबारा निर्माण पूर्व की स्थिति के अनुसार
ही करा रहा हूँ तो आप से क्या मतलब है? इस बात से आक्रोशित होकर सभासद् प्रतिनिधि और
उनके समर्थकों ने मेेरे घर में घुसकर मेरे साथ मारपीट की, गाली-गलौच किया और कारीगर
और मजदूरों को भी भगा दिया। दूसरी तरफ वार्ड़ के सभासद् प्रतिनिधि ने कहा कि श्री शुक्ला
अवैध ढ़ंग से दीवार निर्माण का कार्य करा रहे थे जिसका कानूनी ढ़ंग से विरोध किया गया
है। उन्होने दबंगई मारपीट व गाली गलौच की घटना से इंकार किया है।
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